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राशि और नक्षत्र कैसे जानें: जन्म तिथि और समय से राशि, नक्षत्र, लग्न

जन्म की तारीख़, समय और स्थान डालें और तुरंत अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, चरण, गण, नाड़ी और लग्न देखें, साथ में उत्तर भारतीय कुंडली भी, जिसे आप शादी के बायोडाटा में जोड़ सकते हैं।

अंतिम अपडेट:

राशि नक्षत्र कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें

  1. जन्म तिथि चुनें।
  2. घंटा, मिनट और AM / PM बटन से जन्म समय चुनें। नीचे वही समय शब्दों में दिखता है (जैसे "सुबह 6:45"), ताकि रात 12 और दोपहर 12 की गड़बड़ी तुरंत पकड़ में आ जाए। समय पता न हो तो जन्म समय पता नहीं है पर टिक करें।
  3. जन्म स्थान चुनें। सूची में महाराष्ट्र के सभी ज़िला मुख्यालय, हर राज्य के प्रमुख शहर और दुबई, लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सिंगापुर, सिडनी जैसे NRI शहर हैं। छोटा गाँव या कस्बा हो तो सबसे पास का शहर चुनें, या "अन्य स्थान" में अक्षांश-देशांतर डालें।
  4. टाइम ज़ोन देख लें। भारत के शहरों के लिए IST (UTC+5:30) अपने आप लगता है। विदेश में जन्म हो और उस समय समर टाइम (DST) चल रहा हो तो उसका बॉक्स टिक करें, या UTC अंतर ख़ुद बदलें।
  5. राशि और नक्षत्र जानें दबाएँ। नीचे परिणाम, कुंडली चार्ट और ग्रहों की तालिका दिखेगी।

परिणाम का मतलब

परिणामक्या हैबायोडाटा में क्यों ज़रूरी
राशिजन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में थालगभग हर हिंदू बायोडाटा में लिखी जाती है
नक्षत्र27 नक्षत्रों में से एक, हर एक 13°20′ कानामकरण और गुण मिलान में काम आता है
चरणनक्षत्र का चौथाई भाग, 1 से 4दो राशियों में फैले नक्षत्र में राशि तय करता है
गणदेव, मनुष्य या राक्षस, नक्षत्र से तयअष्टकूट मिलान का एक कूट
नाड़ीआद्य, मध्य या अंत्य, नक्षत्र से तयनाड़ी दोष के सबसे ज़्यादा 8 अंक
लग्नजन्म के समय पूर्व में उदित राशिकुंडली का पहला भाव

साथ में वैदिक सूर्य राशि और पश्चिमी (अंग्रेज़ी) राशि भी दिखती है। ये अक्सर एक राशि अलग होती हैं, क्योंकि पश्चिमी ज्योतिष सायन राशिचक्र मानता है और भारतीय ज्योतिष निरयन, जिनमें अभी लगभग 24° का अंतर है।

rashi kaise pata kare: जन्म समय क्यों ज़रूरी है

चंद्रमा तेज़ चलता है। वह एक राशि में लगभग सवा दो दिन, एक नक्षत्र में लगभग एक दिन और एक चरण में करीब 6 घंटे रहता है। लग्न तो हर दो घंटे में बदल जाता है। इसलिए:

  • जन्म समय पता न हो तो हम दोपहर 12 बजे का समय मानते हैं। राशि आमतौर पर सही रहती है, पर नक्षत्र और चरण बदल सकते हैं, और लग्न व कुंडली नहीं बन सकती। अगर उस दिन चंद्रमा ने नक्षत्र या राशि बदली हो, तो टूल बदलने का सही समय दिखाता है, ताकि आप घर के बड़ों से पूछ सकें कि जन्म उससे पहले हुआ या बाद में।
  • अंदाज़न समय ("सुबह-सुबह") हो तो राशि और नक्षत्र प्रायः ठीक रहते हैं, पर लग्न अपने ज्योतिषी से ज़रूर मिलवा लें।

उदाहरण

14 मार्च 1998, सुबह 6:45, पुणे में जन्मी लड़की के लिए परिणाम: राशि कन्या, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, चरण 4, गण मनुष्य, नाड़ी आद्य और लग्न कुंभ। वैदिक सूर्य राशि कुंभ है और अंग्रेज़ी राशि Pisces (मीन)।

इसी दिन से समय का महत्व भी समझ आता है। सुबह लगभग 9:14 बजे चंद्रमा हस्त नक्षत्र में आ गया, इसलिए उसी दिन सुबह 10:30 बजे जन्मे बच्चे का नक्षत्र हस्त, गण देव और लग्न वृषभ होगा। 6:45 बजे लग्न भी कुंभ के आख़िरी अंशों में था, यानी कुछ ही मिनट बाद जन्म होता तो लग्न मीन हो जाता।

गणना कैसे होती है

पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है; आपकी जन्म जानकारी कहीं भेजी नहीं जाती।

  • ग्रहों की स्थिति ओपन-सोर्स astronomy-engine लाइब्रेरी से पृथ्वी के केंद्र से (भूकेंद्रीय) निकाली जाती है, जिसकी सटीकता लगभग एक कला (arcminute) है।
  • फिर लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश से निरयन स्थिति निकाली जाती है। यही अयनांश भारत सरकार के राष्ट्रीय पंचांग और ज़्यादातर ज्योतिषी इस्तेमाल करते हैं। 1 जनवरी 2026 को इसका मान 24°13′19″ आता है।
  • राहु के लिए पारंपरिक पंचांगों वाला मध्यम राहु लिया गया है, केतु ठीक उसके सामने (180°) होता है।
  • लग्न जन्म स्थान के अक्षांश और स्थानीय नक्षत्र-काल से निकलता है। भाव "राशि = भाव" पद्धति से हैं, जैसे उत्तर भारतीय कुंडली में।

हमने परिणामों को प्रकाशित कुंडलियों और पंचांग तालिकाओं से मिलाकर जाँचा है। नक्षत्र समाप्ति और लग्न आरंभ के समय एक प्रमुख ऑनलाइन पंचांग से लगभग 2 मिनट के भीतर मिले। फिर भी अलग अयनांश, स्पष्ट (true) राहु या पुराने स्थानीय समय की वजह से सीमा के पास का परिणाम बदल सकता है। महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपने पंचांग या पारिवारिक ज्योतिषी से पुष्टि ज़रूर करें।

बायोडाटा की कुंडली में कैसे भरें

मेरे बायोडाटा में भरें दबाते ही इस डिवाइस पर सेव बायोडाटा में राशि, नक्षत्र, चरण, गण और नाड़ी भर जाते हैं। जन्म समय पता हो तो लग्न और हर भाव के ग्रहों के साथ कुंडली चार्ट भी हिंदी में जुड़ जाता है। पहले से भरी जानकारी तभी बदली जाती है जब आप "पहले से भरी जानकारी बदल दें" चुनें। इसके बाद बायोडाटा मेकर खोलकर कुंडली देखें और PDF डाउनलोड करें।

आगे क्या करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

rashi kaise pata kare? जन्म तिथि से राशि कैसे जानें?+

ऊपर के कैलकुलेटर में जन्म तिथि, समय और स्थान डालें। यह चंद्रमा की स्थिति से आपकी राशि, नक्षत्र, चरण, गण, नाड़ी और लग्न बता देता है।

मुझे अपना नक्षत्र नहीं पता, कैसे पता करूँ?+

जन्म की तारीख़, समय और स्थान डालें, टूल नक्षत्र और चरण दिखा देगा। समय पता न हो तो भी राशि मिल जाती है, और उस दिन नक्षत्र बदला हो तो बदलने का समय भी दिखता है।

बिना जन्म समय के राशि कैसे जानें?+

'जन्म समय पता नहीं है' चुनें। हम दोपहर 12 बजे की गणना करते हैं। चंद्रमा एक राशि में लगभग सवा दो दिन रहता है, इसलिए ज़्यादातर तारीख़ों पर राशि सही आती है; उस दिन राशि बदली हो तो टूल समय के साथ बता देता है।

मेरी राशि और अंग्रेज़ी राशि (सन साइन) अलग क्यों है?+

भारतीय ज्योतिष में राशि का मतलब चंद्र राशि है, सूर्य राशि नहीं। साथ ही अंग्रेज़ी राशि सायन राशिचक्र से निकलती है, जो भारतीय निरयन राशिचक्र से लगभग 24° आगे है।

दूसरे ऐप या ज्योतिषी का लग्न या नक्षत्र अलग क्यों आता है?+

आमतौर पर जन्म समय, टाइम ज़ोन या अयनांश का फ़र्क होता है। हम लाहिड़ी अयनांश और मध्यम राहु लेते हैं। सीमा के पास कुछ मिनट का अंतर भी परिणाम बदल सकता है, इसलिए पारिवारिक ज्योतिषी से पुष्टि करें।

और बायोडाटा फॉर्मेट

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